रेजांगला के शहीदों की स्मृति में निकाली गई पावन माटी की कलशयात्रा पहुँची मसलिया, उमड़ा जनसैलाब
लद्दाख स्थित अहीर धाम की पावन माटी से निकाली गई कलशयात्रा


रेजांगला के शहीदों की स्मृति में निकाली गई पावन माटी की कलशयात्रा पहुँची मसलिया, उमड़ा जनसैलाब
मसलिया (दुमका): 1962 के भारत-चीन युद्ध के ऐतिहासिक रेजांगला युद्ध में शहीद हुए 114 अहीर वीरों की स्मृति में लद्दाख स्थित अहीर धाम की पावन माटी से निकाली गई कलशयात्रा
शनिवार को दुमका जिले के मसलिया प्रखंड के कुसुम घाटा गाँव पहुँची। यहाँ पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में स्थानीय लोगों ने शहीदों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी और यात्रा का भव्य स्वागत किया।
अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के तत्वावधान में संचालित यह यात्रा अहीर रेजिमेंट की स्थापना, जातिगत जनगणना की माँग, और यादव समाज में जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से पूरे देश में भ्रमण कर रही है। जैसे ही यात्रा झारखंड के दुमका जिले में पहुँची, स्थानीय यादव समुदाय के लोगों ने पूरे जोश और सम्मान के साथ उसका स्वागत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी गोरगोपाल यादव ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “रेजांगला की लड़ाई न केवल सैन्य वीरता का प्रतीक है, बल्कि यह समाज के बलिदान की गाथा भी है। ऐसे वीरों की माटी को गाँव में लाना हम सबके लिए गर्व की बात है।”
यात्रा दल में किरण यादव , अर्जुन यादव, अभिषेक यादव एवं अजय यादव जैसे युवा नेतृत्वकर्ता शामिल हैं, जो देशभर में यह अलख जगा रहे हैं। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, बुजुर्ग और युवाओं ने भाग लेकर देशभक्ति और एकता का परिचय दिया।
यह कलशयात्रा अब संथाल परगना के अन्य जिलों की ओर आगे बढ़ेगी।




