
मनातू एवं छतरपुर में नशामुक्ति हेतु जागरूकता अभियान का आयोजन, वैकल्पिक खेती एवं लघु उद्योगों को बढ़ावा
Report bY Mithilesh Yadav
पलामू 09 अक्टूबर, 2025 को मनातू थाना अंतर्गत डुमरी पंचायत स्थित मिटार क्षेत्र में थाना प्रभारी मनातू के नेतृत्व में एक व्यापक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अफीम/पोस्ता एवं गांजा जैसी अवैध नशीली फसलों की रोकथाम करना और किसानों को वैकल्पिक आजीविका के स्रोतों से जोड़ना था।
इस कार्यक्रम में डुमरी पंचायत के 12 गांवों की महिलाएं, पुरुष, युवा, विभिन्न पंचायतों के मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, पुलिस निरीक्षक पाटन अंचल, प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी मनातू प्रखंड तथा वन विभाग की टीम सहित कई सरकारी पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान अवैध अफीम/पोस्ता एवं गांजा की खेती के गंभीर दुष्परिणामों तथा इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई एवं दंड के प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही, इन अवैध फसलों के स्थान पर वैकल्पिक रूप से चावल, गेहूं, चना, सरसों, मसूर, ज्वार, कुल्थी, मड़ुआ, सोयाबीन, मूंगफली, अरंडी, बाजरा एवं कटहल जैसी पारंपरिक एवं लाभकारी फसलों की खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया गया।
लोगों की आर्थिक स्थिति सुधारने हेतु लघु उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। इनमें अगरबत्ती एवं मोमबत्ती निर्माण, फर्नीचर, आचार, बांस के सामान, मछली पालन, कुक्कुट पालन, बकरी पालन, दुग्ध उत्पादन, अंडा उत्पादन, मधुमक्खी पालन, लाह उत्पादन तथा फूलों की खेती जैसे व्यवसायिक विकल्प शामिल हैं। JSLPS की बीपीओ द्वारा इन उद्यमों को बढ़ावा देने हेतु ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। इस अभियान की शुरुआत अफीम की खेती नहीं करने की सामूहिक प्रतिज्ञा के साथ हुई, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने भाग लिया।
इसी क्रम में, छतरपुर थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत हुलसम में भी स्थानीय मुखिया एवं पुलिस पदाधिकारियों द्वारा नशीली फसलों की खेती न करने तथा इसके दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
यह अभियान पलामू पुलिस अधीक्षक की पहल का एक हिस्सा है, जिसका लक्ष्य क्षेत्र को नशीली फसलों से मुक्त करके समृद्धि एवं स्वच्छता की ओर ले जाना है।




