खाद की कालाबाजारी पर सख्ती निर्धारित दर से ज्यादा कीमत लेने वाले विक्रेताओं पर होगी – एसडीओ
खाद की कालाबाजारी पर सख्ती , निर्धारित दर से ज्यादा कीमत लेने वाले विक्रेताओं पर होगी कार्रवाई एसडीओ
हुसैनाबाद पलामू : किसानों की मेहनत से इस बार खेतों में धान की फसलें लहलहा रही हैं, लेकिन खाद की कालाबाजारी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र के कई खाद विक्रेताओं पर आरोप है कि वे कृत्रिम किल्लत दिखाकर किसानों को इधर-उधर भटकने को मजबूर कर रहे हैं।किसानों ने शिकायत की है कि कई दुकानदार जानबूझकर खाद अपने गोदामों में नहीं रख रहे, बल्कि बड़े व्यापारियों के गोदामों में यूरिया खाद जमा करवा देते हैं ताकि बाद में ऊंचे दाम पर बेच सकें। किसानों का कहना है कि हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र के हैदरनगर और हुसैनाबाद में खाद की खुलेआम कालाबाज़ारी हो रही है। इफको डीएपी खाद, जिसका अधिकतम मूल्य 1350 रुपये प्रति 50 किलोग्राम प्रिंट रेट है, उसे 1700 रुपये में बेचा जा रहा है। वहीं यूरिया खाद, जिसका निर्धारित मूल्य 266.50 रुपये प्रति 45 किलोग्राम है, वह 350 से 400 रुपये में किसानों को बेचा जा रहा है। इससे किसानों को खाद के लिए काफी भागदौड़ करनी पड़ रही है।व्यापार मंडल के अध्यक्ष कृष्णा बैठा ने जानकारी दी कि बहुत जल्द डाल्टनगंज में खाद का रेक आने वाला है। उसके पहुंचते ही क्षेत्र में खाद की किल्लत दूर हो जाएगी।
खाद की कालाबाजारी की बढ़ती शिकायतों के बाद हुसैनाबाद अनुमंडलाधिकारी सह आईएएस अधिकारी ओमप्रकाश गुप्ता ने गुरुवार को चार खाद दुकानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ दुकानों में अनियमितताएं पाई गईं।एसडीओ ने सभी खाद विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिया है कि वे किसानों को केवल निर्धारित दर पर ही खाद उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई दुकानदार तय मूल्य से अधिक दाम पर खाद बेचते पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि किसी विक्रेता द्वारा ज्यादा कीमत ली जाती है तो उसकी सूचना तुरंत उन्हें या प्रखंड कृषि पदाधिकारी को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।इससे एक दिन पहले, बुधवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार वर्मा और दंडाधिकारी आनंद झा ने भी चार खाद दुकानों का निरीक्षण किया था। उस दौरान भी दुकानदारों को चेतावनी देते हुए सही मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था।




